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विशेश्वर ओझा हत्याकांड के अभियुक्त हरेश के पिता शिवाजीत को HC से जमानत नहीं

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भोजपुर: अपने नापाक मंसूबों के तहत बिहार और यूपी में अपराध की बादशाहत कायम करने वाले कुख्यात शिवाजीत मिश्र को पटना उच्च न्यायालय से जोर का झटका लगा है। न्यायालय ने शिवाजीत की जमानत याचिका खारिज कर दी है। याचिका ख़ारिज किये जाने के बाद मिश्रा को अभी जेल की सलाखों में हीं रहना होगा। शिवाजीत चर्चित मुन्ना मिश्रा हत्याकांड के अभियुक्त हैं और पिछले साढ़े 6 साल से आरा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

विशेश्वर हत्याकांड के अभियुक्त हरेश के पिता शिवाजीत को HC से नहीं मिली जमानतसोनवर्षा के मुन्ना मिश्रा की ह्त्या साल 2011 में कर दी गई थी। इस हत्या का आरोप मुख्य रूप से शिवाजीत मिश्रा पर लगा। दायर प्राथमिकी के आधार पर पुलिस नें शिवाजीत को मुख्य आरोपी के तौर गिरफ्तार कर लिया। तब से लेकर अब तक शिवाजीत आरा जेल की सलाखों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

विशेश्वर हत्याकांड के अभियुक्त हरेश के पिता शिवाजीत को HC से नहीं मिली जमानतहालांकि मुन्ना की हत्या के बाद जेल जा चुके शिवाजीत आज भी अपराध की दुनिया में जमे हुए है और अपने गिरोह का संचालन करते हैं। जेल में बंद शिवाजीत  ने साल 2013 में हत्याकांड के खास गवाह मुन्ना के मामा माको ओझा को मौत के घाट उतार दिया। माको ओझा हत्याकांड में पुलिस ने शिवाजीत की संलिप्तता पाई और IPC की धारा 120 B के तहत मामला दर्ज किया।

विशेश्वर हत्याकांड के अभियुक्त हरेश के पिता शिवाजीत को HC से नहीं मिली जमानतबिहार से लेकर यूपी तक हत्या, अपहरण, रंगदार, डकैती, और लूट जैसे संगीन वारदात को अंजाम दे चुके शिवाजीत का नाम हाल के दिनों में एक बार फिर तब चर्चा में आया जब भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विशेस्वर ओझा की हत्या सोनवर्षा में कर दी गई। इस हत्या का आरोप शिवाजीत की अपराधिक विरासत संभाल रहे बेटे हरेश मिश्रा पर है। फिलहाल ओझा हत्याकांड में हरेश मिश्रा भी उसी जेल में बंद हैं जहां उनके पिता शिवाजीत पहले से हीं उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

विशेश्वर हत्याकांड के अभियुक्त हरेश के पिता शिवाजीत को HC से नहीं मिली जमानतबता दें शिवाजीत एंड फैमिली और विशेश्वर एंड फैमिली के बीच पुरानी अदावत रही है। शिवाजीत एंड फैमिली के आतंक से इलाके को महफूज रखने के वास्ते संकल्पित विशेश्वर ने कई बार शिवाजीत के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया था। क्षेत्र के आमोअवाम में विशेश्वर का कद इतना बढ़ गया कि विरोधीयों के होश फाकता होने लगे। ऐसे में शिवाजीत एंड फैमिली ने विशेश्वर को रास्ते से हटाने के लिए कमर कस ली और एक दिन सोची समझी रणनीति के तहत विशेश्वर को मौत के घाट उतार दिया।

विशेश्वर हत्याकांड के अभियुक्त हरेश के पिता शिवाजीत को HC से नहीं मिली जमानतखैर विशेश्वर तो अब इस दुनिया में नहीं रहे लेकिन क़ानून की हद में रह कर जंग अब भी जारी है। अब विशेश्वर के छोटे भाई मुक्तेश्वर उर्फ़ भूअर ओझा ने शिवाजीत के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। विशेश्वर के नक्शेकदम पर चलते हुए भूअर ओझा ने शिवाजीत के खिलाफ अपनी पूरी ताकत झोक दी है। भाजपा नेता भूअर ने शिवाजीत और हरेश की अपराधिक विरासत को ध्वस्त करना अपने जीवन मकशद बना लिया है। एक सवाल के ज़वाब में भाजपा नेता ने कहा कि “मैंने मंच से ऐलान किया है कि हरेश मिश्रा गिरोह को ऐसी सजा दिलाऊंगा कि आनेवाली पुस्ते कांप जाएगी, शिवाजीत की अर्जी का खारिज होना  उसी कड़ी की एक अहम कड़ी है। उन्होंने फिर दुहराया कि “स्वर्गीय विशेश्वर ओझा के हत्यारों को उचित सजा दिला के ही दम लूंगा। बकौल भूअर मुझे परवाह नहीं कि पीठ पीछे लोग मुझे क्या कहते है, मै लड़ाई लड़ रहा हूँ और आगे भी लड़ता रहूंगा।

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