Business is booming.

ELECTION 2019 : गया सीट पर ‘मांझी’ VS ‘मांझी’ में किसकी चलेगी आंधी

0 819

- Advertisement -

बिहार में महागठबंधन में शामिल जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) की अगुवाई वाली पार्टी हम राज्य के तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है। महागठबंधन में सीट बंटवारे के दौरान मांझी ने खूब हो-हल्ला मचाकर तीन सीटें अपनी पार्टी (HAM) को दिलाई। पूर्व मुख्यमंत्री मांझी खुद  सर्वाधिक महत्वपूर्ण  लोकसभा सीट गया से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीँ उनके खिलाफ राजग ने जदयू से विजय मांझी को गया सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। गया संसदीय क्षेत्र में इस बार चुनाव में ‘मांझी’ बनाम ‘मांझी’ के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिल रहा है।

 जीतन राम मांझी के लिए गया सीट पर चुनाव जीतना उनके राजनीतिक भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा। इस सीट पर विजय पताका लहराने के बाद ही मुख्यधारा की राजनीति में उनकी प्रासंगिकता बनी रहेगी। इससे पहले गया सुरक्षित सीट से राजद लगातार चुनाव लड़ता रहा है।

राजग (NDA) की और से विजय मांझी मैदान में

जदयू (JDU) ने गया से विजय कुमार मांझी को उम्मीदवार बनाया है। गया सीट पर राजग का पताका फहराने की बड़ी चुनौती है।पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के मुकाबले में उतरे राजग उम्मीदवार विजय कुमार मांझी राजनीतिक परिवार से आते हैं। विजय मांझी महागठबंधन के प्रमुख घटक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की पूर्व सांसद भगवतिया देवी के छोटे पुत्र हैं और उनकी बहन समता देवी अभी राजद की विधायक हैं। श्री विजय मांझी फरवरी 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव में विधायक निर्वाचित हुए थे।

वहीं, राजग उम्मीदवार को चुनौती देने के लिए महागठबंधन ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा(हम) के संयोजक जीतनराम मांझी को मैदान में उतारा है। इससे पहले गया सुरक्षित सीट से राजद लगातार चुनाव लड़ता रहा है। वर्ष 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के हरि मांझी ने राजद के रामजी मांझी को पटखनी दी थी। 2014 में हीं जीतनराम मांझी ने जदयू उम्मीदवार के तौर पर अपनी किस्मत आजमाई थी लेकिन उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था।

जातीय समीकरण

 सत्रह लाख वोटरों वाली इस लोकसभा सीट में जातीय समीकरण किसी एक जाति की तरफ झुका हुआ नहीं है। यहां भुइयां (मांझी), यादव, भूमिहार-राजपूत और पासवान-धोबी-पासी समाज के वोटरों की संख्या लगभग ढाई-ढाई लाख मानी जाती है। इसी तरह मुस्लिम और वैश्य समाज के वोटर करीब दो लाख  हैं। कायस्थ और चंद्रवंशी समाज के वोटों की संख्या करीब डेढ़-डेढ़ लाख मानी जाती है।

गया लोकसभा 2019 : कुल 13 उम्मीदवार मैदान में

1. जीतन राम मांझी- हम-महागठबंधन
2. विजय मांझी- जदयू-एनडीए
3. विजय कुमार चौधरी- जनता दल राष्ट्रवादी पार्टी
4. दिलीप कुमार- बहुजन समाज पार्टी
5. दयानंद राजवंशी- मूल निवासी समाज पार्टी
6. शिवशंकर- अंबेदकर राइट पार्टी ऑफ इंडिया
7. राकेश चौधरी- मौलिक अधिकार पार्टी
8. सुनील पासवान- भारत भ्रष्टाचार मिटाओ पार्टी
09. प्रकाश चन्द्रा – पब्लिक मिशन पार्टी
10. दीनदयाल भारती उर्फ कपिल चौधरी- राकांपा
11. राजेश कुमार पासवान- आम जनता पार्टी राष्ट्रीय
12. गिरिधर सपेरा- भारतीय राष्ट्रीय मोर्चा
13. उमेश रजक- पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया

गया लोकसभा सीट पर 46 हजार नये मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे

गया लोकसभा क्षेत्र के तहत छह विधानसभा सीटें आती जिनमें गया शहर, बेलागंज, वजीरगंज, बोधगया, बाराचट्टी एवं शेरघाटी शामिल हैं। गया संसदीय क्षेत्र में कुल 2860508 मतदाता हैं। इनमें 1481994 पुरुष, 1378428 महिला, 86 ट्रांसजेंडर वोटर शामिल हैं। इस बार करीब 46 हजार नये मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

मोक्षनगरी के रूप में विश्वविख्यात गया संसदीय सीट पर पिछले दो दशक से ‘मांझी’ का कब्जा बरकरार है। साल 1999 में भाजपा के रामजी मांझी, 2004 में राजद के राजेश कुमार मांझी और 2009 एवं 2014 में भाजपा के हरि मांझी यहां से निर्वाचित हुए थे।
पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के हरि मांझी को 326230 मत मिले जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी और राजद उम्मीदवार रामजी मांझी (राजद) को 210726 मत मिले।

- Advertisement -

Leave A Reply

Your email address will not be published.